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मुहब्बत में यही झगड़ा करोगे? / दीपक शर्मा 'दीप'

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मुहब्बत में यही झगड़ा करोगे?
करो, इसके अलावा क्या करोगे

इधर हम भी कलाई काट लेंगे!
उधर,तुम भी बहुत रोया करोगे

मनाने के लिये कॉलर पकड़ के
कहोगे जान! अब ऐसा करोगे?

न लम्हा एक ही बीता भी होगा,
दोबारा फिर वही किस्सा करोगे

चलो छोड़ो जहाँ हो ठीक रहना
अना तो है,अना का क्या करोगे