भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

मेरा नाम संगीतमय है / ईमान मर्सल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: ईमान मर्सल  » मेरा नाम संगीतमय है

शायद जिस खिड़की के किनारे मैं बैठी थी
उसने पहले से ही कीर्तिकथा कह दी थी
मैंने अपनी नोटबुक पर लिखा :
ईमान...
स्कूल का नाम : ईमान मर्सल प्राथमिक विद्यालय
न तो टीचर की छड़ी और
न ही पिछली बेंचों से आने वाली हंसी ही रोक पाई मुझे
ऐसा करते रहने से

मैंने सोचा, अपनी गली का नाम मैं अपने नाम पर रख देती
अगर उस पर बने मकान थोड़ा चौड़े होते
और उनमें कुछ गुप्त कमरे बने होते
जहां मेरी सहेलियां अपने बिस्तर में लेट बिंदास सिगरेट फूंकतीं
और उनके बड़े भाई उन्हें कभी पकड़ भी न पाते

उनके दरवाज़े अगर नारंगी रंग से रंगे होते
आनंद के रंग की तरह
उनमें छोटे-छोटे छेद बने होते
ताकि कोर्ई भी अंदर रहने वाले बड़े परिवारों की ताक-झांक कर सकता
शायद तब हमारी गली में किसी को भी अकेलापन न महसूस होता

बड़े काम सिर्फ़
बड़े दिमाग़ के लोग सोचते हैं
मेरे नाम पर बनी गली के किनारे सफ़ेद पटरियों पर चलते रहगुज़र
इन शब्दों में जि़क्र करते मेरा
लेकिन सिर्फ़ छोटा-सा एक पुराना बैर था मेरा उस गली से -
उसके पत्थरों ने मेरे घुटनों पर गहरा निशान छोड़ा है-
बस इसी कारण मैंने तय किया कि गली इस लायक़ नहीं

मुझे ठीक-ठीक याद नहीं
कब मुझे यह पता चला कि
मेरा नाम इतना संगीतमय है कि एकदम उपयुक्त है
ऑटोग्राफ़ देने के लिए छंदबद्ध कविताओं के लिए
और उडऩे के लिए भी
उन दोस्तों के चेहरों के आगे जिनके नाम बहुत साधारण थे
जिन्हें यह नहीं पता कि एक संदिग्ध नाम होने के क्या फ़ायदे हैं
जो आपके चारों ओर संदेह का घेरा बना देता है
और जिसके कारण आपके भीतर कोई और बन जाने की इच्छा भर जाती है
ताकि जो कोई नया साथी मिले, वह पूछे :
क्या तुम ईसाई हो
या
कहीं तुम लेबनान से तो नहीं आई?

दुर्भाग्य से, इस बीच कुछ हो गया।
अब जब कोई मेरा नाम पुकारता है
मैं चकरा जाती हूं और चारों ओर देखने लगती हूं
एक स्त्री जिसका शरीर अब मेरे जैसा हो गया
और छाती ऐसी कि हर दिन हर सांस कर्कश-सी जान पड़े
उसका ऐसा नाम भी संभव है?

बेडरूम से बाथरूम जाते समय
अक्सर मैं ख़ुद को देखती हूं
सोचती हूं मेरा पेट व्हेल जितना बड़ा क्यों नहीं
ताकि जिन चीजों को मैं पचा नहीं पाती
उनसे अपना पिंड छुड़ा लूं

अंग्रेजी से अनुवाद : गीत चतुर्वेदी