मेरी सरकार को / हरिवंश प्रभात

मेरी सरकार को जोड़-तोड़ के चलाया ना करो,
अपना परिवार है ये बात भी भुलाया ना करो।

करते मालिश हैं ये बात है सौगात बड़ी
हाथ टकले पर रखकर, तबला बजाया ना करो।

तेरी हर बात पर आकाश गिरा जाता है
ऊँची आवाज़ में तुम ताल लगाया ना करो।

वैसे बेलन को चलाने में हाथ साफ तेरा
रोटी फूले न फूले मुँह को फुलाया न करो।

तेरी हर याद के मच्छर ही जगाते मुझको
पल दो पल के लिए भी छोड़के जाया ना करो।

तुम तो टुनटुन की बहन ठेले पर चलने वाली
करके उपवास कभी तन को गलाया ना करो।

करने को घाव नज़र तीर कोई कम तो नहीं
जेब हल्की है मेरी कैंची चलाया ना करो।

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