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मेरे सारे गीत / चन्द्रेश शेखर

मेरे सारे गीत तुम्हारी यादों की गहराई भर हैं

तुम मन में तब भी रहते थे
तुम मन में अब भी बसते हो
मेरे संग-संग रो लेते हो
मेरे संग तुम भी हँसते हो
अरे नहीँ ये आँसू तो कुछ जख्मों की अंगड़ाई भर हैं

कुछ सपने मैने देखे थे
कुछ सपने तुमने देखे थे
कुछ ऐसे भी सपने जो हम
दोनों ने मिलकर देखे थे
ये कविता,गजलें,मुक्तक उन सपनों की तुरपाई भर हैं