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मैं तुम्हारा प्यार हूँ / उर्मिल सत्यभूषण

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मैं तुम्हारे प्यार का उपहार हूँ
जो तुम्हारा विश्व से है, प्यार हूँ
अधर पर लिपटी हुई मुस्कान हूँ मैं
कंठ से जो फूटता मृद्गान हूँ मैं
झिलमिलाते आंसुओं की धार हूँ
बंदी भी हूँ मैं ही कारागार हूँ
तिमिर भी हूँ, ज्योति पारावार हूँ
मैं तुम्हारा रूप ही साकार हूँ
खोज में सुख की लगा व्यापार हूँ
विविध दुःखों का भी रचनाकार हूँ
कल्पना की सृष्टि का आधार हूँ
रूप मैं तुमसा, तुम्हारा अंश हूँ
रंग मैं तुमसा, तुम्हारा वंश हूँ
मैं भी तुम जैसा ही
सिरजन हार हूँ
मैं तुम्हारे प्यार का उपहार हूँ।