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मोरी आंगनमों मुरली बजावेरे / मीराबाई

मोरी आंगनमों मुरली बजावेरे। खिलावना देवूंगी॥ध्रु०॥
नाच नाच मोरे मन मोहन। मधुर गीत सुनावुंगी॥२॥
मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। हरिके चरन बल जाऊंगी॥३॥