यह रही सीढ़ियाँ
तिलिस्मी
ऊपर आती हैं जो
नीचे संसार छोड़
इन्हीं से होता है शुरू
खेल सारा
यहीं पर मिलती है
कभी-कभी
जादूगरनी एक
जितना वह हँसती है
उतना वह रुलाती है
इस घर के देवताओं को
यह रही सीढ़ियाँ
तिलिस्मी
ऊपर आती हैं जो
नीचे संसार छोड़
इन्हीं से होता है शुरू
खेल सारा
यहीं पर मिलती है
कभी-कभी
जादूगरनी एक
जितना वह हँसती है
उतना वह रुलाती है
इस घर के देवताओं को