भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

यह रहा उसका घर-9 / गगन गिल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

यह रहा

उसका प्रेम


यह रही

उसकी शिला


इसी पर

कूट-कूट

किया उसने कोमल


हृदय का चमड़ा