भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

रचर्लो विधाता हाथें एक पर एक जीव / अनिल शंकर झा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

रचर्लो विधाता हाथें एक पर एक जीव
एक पर एक रूप गुण में महान छै।
कोनो तेॅ विशाल गजराज कोनो सिंहराज
बल विक्रम में जे आपने समान छै।
तोय बलहीन पर रूप केरेॅ खान आरो
केकरो कि गान केरेॅ नांही कोनो शान छै।
एक साथ सब गुण लेनें भासमान हुवै
बाला आदमी केॅ छोड़ी कहो के महान छै॥