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रलियो मांडपड़ो सुवावणो जी / मालवी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात


जी ओ पेलो यो खंब मोती भर्योजी जी ओ दूसरो
यो खंब हीरा भर्योजी जी ओ रचो म्हारे मांडप हेट
आज रलीयो मांडपड़ो सुवावणोजी।

जीओ तीसरो यो खंब चोखा भर्योजी जी ओ
चोथो यो खंब कंकु भर्योजी रचो म्हारा
मांडपड़ा हेट रलीयो मांडपड़ो सुवावणोजी।

जीओ पांचमो यो खंब सुपारी भर्योजी
जीओ छटो यो खंब नारेलाँ भर्योजी
जीओ रचो म्हारा मांडवा हेट रलीयो मांडपड़ो सुवावणोजी।

जीओ सातमो यो खंब हलदी भर्योजी
जीओ आठमो यो खंब लोगाँ भर्योजी
जीओ रचो म्हारा मांडवा हेट रलीयो मांडपड़ो सुवावणोजी।

जीओ नवमो यो खंब डोड़ा भर्योजी
जीओ रचो म्हारा मांडवा हेट रलीयो मांडपड़ो सुवावणोजी।