भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

राते बरस गओ पानी / बुन्देली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

राते बरस गओ पानी
काय राजा तुमने ना जानी।

अंटा जो भीजे अटारी भींजी,
भींजी है धुतिया पुरानी (काय राजा---)

बाग जो भींजे बगीचा भींजे
माँलिन फिरे उतरानी (काय राजा---)

कुंआ है भर गओ, तला है भर गओ
कहारिन फिरे बौरानी (काय राजा---)

गैयां भीजी बछिया भींजीं
नदियन बढ़ गओ पानी (काय राजा-- )