भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

राम के धरम / सरोज सिंह

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

राम के धरम रहीम के धरम
सब ले ऊपर इंसान के करम

काहे न बुझे उ बुरबक लोगवा
ई कुल हs बस सियासी भरम

आदमी भईल खून के पियासा
इहे कुल ह हैवानियत के चरम

पकावsता वोट दंगा के आंच प
करsता चोट देख के लोहा गरम

लूल कानून आन्हर-बहीर सत्ता
देख ई सब आवेला हमके सरम

इहे बा अपील 'रोज़' सबलोगन से
बुझे के होई देस के असल मरम