भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

लड़की / अंजना वर्मा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गर्मी की धूप में
सुर्ख़ बौगेनवीलिया की
एक उठी हुई टहनी की तरह
वह पतली लड़की
गर्म हवा झेलती
साइकिल के पैडल मारती
चली जा रही है
वह जब भी निकलती है बाहर
कालेज के लिए
कई काम हो जाते हैं
रास्ते में दवा की दुकान है
और डाकघर भी
काम निबटाते और वापस आते
देर हो जाती है अक्सर
सवेरे का गुलाबी सूरज
हो जाता हे सफेद तब तक तपकर
रोज ही करती है सामना लू का
उसे अपना रास्ता मालूम है
अब रास्ते में जो मिले
छाँह की उम्मीद उसे नहीं रहती है
धूप के लिए लड़की
हमेशा तैयार रहती है