भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

ले उड़ी / अमित कल्ला

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कहकर
कुछ शब्द
कमल की पँखुरियों से
झरते
समय को
कथा-सी
ले उड़ी

नहीं
सम्भलता
उससे
समय
अब तो सिर्फ़
निशाना लगाती है

चिड़िया
शाख-दर-शाख
हरा जोबन चढ़ाती है।