भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

लोग / अरमाएस सहाकिआन

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चट्टानें सदा-सदा से
खड़ी हैं ऊँची और उत्तंग
लेकिन लोग तुम्हारे घर आए थे
तुम्हारे पैदा होने पर

जब भी
ज़रूरत होती है अचानक
तुम लोगों को बुला सकते हो
हवा को नहीं

और जब
निकट होगी मौत तुम्हारे
भिंसा पेड़ नहीं रोएगा
व्यथा से रोएँगे लोग
तुम लोगों के कंधों पर जाओगे

और फिर कभी यदि
तुम्हें याद करेगा कोई
तो वे लोग ही होंगे ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनिल जनविजय