थोड़ी-सी मिट्टी
थोड़ी-सी हवा
थोड़ी-सी धूप
थोड़ा-सा पानी लेकर
मैं आया था यहाँ
आज सोचता हूँ
अच्छा हुआ खाली हाथ
नहीं आया
वरना भूल चुका होता
बहुत कुछ ।
थोड़ी-सी मिट्टी
थोड़ी-सी हवा
थोड़ी-सी धूप
थोड़ा-सा पानी लेकर
मैं आया था यहाँ
आज सोचता हूँ
अच्छा हुआ खाली हाथ
नहीं आया
वरना भूल चुका होता
बहुत कुछ ।