भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

वह भेजता है तुम्हें / अर्जुनदेव चारण

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


अवतार तो
युग-युगों के बाद
एक बार ही
धारण करता है अपना वेश

वह जानता है यह बात

इसीलिये
बार-बार
तुम्हें भेजता है मां

दुःख भोगने वाला
इसके सिवाय कौन जनमा है
आज तक
इस धरती पर अपनी।

अनुवाद :- कुन्दन माली