भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

वान्ना वगडा न वायरा वायरे, / गुजराती

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घूमरियो घुम तो गायरे,
 
रासे रमे, रासे रमे,
गोप गोपियों नी संग,
जामयो वृन्दावन ने मार गड़े रंग,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.
 
घेरी घेरी, घेरी घेरी,
एनी वागे मुरलियो,
गौरी गौरी राधा ने,
सुंदर श्यामडियो,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.