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एक पल में एक सदी का मज़ा / ख़ुमार बाराबंकवी
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13:52, 31 मार्च 2011
अंजाम-ए-आशिकी का मज़ा हमसे पूछिए
जलते दियो में जलते घरो जैसी
ज़ौ
लौ
कहा
सरकार रोशनी का मज़ा हमसे पूछिए
Kartikey agarwaal khalish
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