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कुंज भवन सएँ निकसलि / विद्यापति
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|रचनाकार=विद्यापति
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कुंज भवन सएँ निकसलि रे रोकल गिरिधारी।<br>
एकहि नगर बसु माधव हे जनि करु बटमारी।।<br>
Pratishtha
KKSahayogi,
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