भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
Changes
Kavita Kosh से
|रचनाकार=बोधिसत्व
|संग्रह=
}}{{KKCatKavita}}{{KKAnthologyMaa}}
वहाँ कई स्त्रियाँ थीं<br>
जो नाच रही थीं, गाते हुए<br><br>