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{{KKRachna
|रचनाकार=मजाज़ लखनवी
|संग्रह=आहंग/ मजाज़ लखनवी
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कुछ तुझ को है ख़बर हम क्या क्या ऐ शोरिश-ए-दौराँ भूल गए