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खड़ी बोली लोकगीत

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* [[मेरी पसली में दरद हुयो हुया री मेरी माँ / खड़ी बोली]]
* [[कित रै गये थे पिया रात ने / खड़ी बोली]]
* [[बारह बरस में री जोगी आयो रे / खड़ी बोली]]