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तुमनेयह विखंडित मूर्ति
प्रतिमा का सिर काट लिया,मथुरा की सड़क पर
पर लोगों ने उसे सिर झुकाना नहीं छोड़ा है।मिली मुझको,
तुमने मूर्ति को नहीं तोड़ाशीश-हत,
लोगों की आस्‍था को नहीं तोड़ा है।जाँघें पसारे
और आस्‍था ने::खुले में विपरीत-रति-रत
बहुत बार::अरे, यह तो पंश्‍चुली है!
कटे सिर को कटे धर से जोड़ा है।शेष भाग शीघ्र ही टंकित कर दिया जाएगा।
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