Changes

भासा / मदन गोपाल लढ़ा

42 bytes removed, 05:10, 17 अक्टूबर 2013
|संग्रह=म्हारै पांती री चिंतावां / मदन गोपाल लढ़ा
}}
[[Category:मूल राजस्थानी भाषा]]{{KKCatRajasthaniRachna}}
{{KKCatKavita‎}}
<Poempoem
खेत रै मारग
म्हैं सुणीं
मानता री कोनी दरकार
राग-रंग, हरख अर पीड़ री
हुवै सदीव एक ई भासा !  </Poempoem>
Delete, Mover, Protect, Reupload, Uploader, प्रबंधक
35,136
edits