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|रचनाकार=रामावतार त्यागी
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आने पर मेरे बिजली-सी कौंधी सिर्फ तुम्हारे दृग में<br>
लगता है जाने पर मेरे सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे ! <br><br>