|नाम=दीवान-ए-ग़ालिब
|रचनाकार=[[ग़ालिब]]
|प्रकाशक= हिन्द पॉकेट बुक्स (प्रा.) लिमिटेड, जी.टी. रोड दिलशाद गार्डन, शाहदरा, दिल्ली - 110095|वर्ष= 1994
|भाषा=हिन्दी
|विषय=ग़ज़लें, रुबाईयां
|शैली=--
|पृष्ठ=159
|ISBN=--|विविध=--
}}
(दीवाने-ग़ालिब एक बहु-प्रकाशित पुस्तक है। हर 'दीवाने-ग़ालिब’ नामक संग्रह में अलग-अलग तरह से रचनाएँ जुड़ी हुई हैं जिनका चयन सम्पादक पर निर्भर करता है इसलिए हो सकता है कि दीवाने ग़ालिब में चयनित रचनाएँ कुछ दूसरी तरह की हों, वैसी न हों जैसी ख़ुद ग़ालिब ने अपने दीवान में जोड़ी थीं ।)<br>
# [[क़फ़स में हूं गर अच्छा भी न जाने मेरे शेवन को / ग़ालिब]]
# [[धोता हूँ जब मैं पीने को उस सीमतन के पाँव / ग़ालिब]]
# [[वां पहुंचकर जो ग़श आता पै-ए-दम हम है हमको / ग़ालिब]]
# [[तुम जानो तुमको ग़ैर से जो रस्मो-राह हो / ग़ालिब]]
# [[गई वो बात कि हो गुफ़्तगू तो क्योंकर हो / ग़ालिब]]