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लाठी ही उसका भगवान है / भारतेन्दु मिश्र
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भारतेंदु
भारतेन्दु
मिश्र
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|संग्रह=
जूतों में कीलें हैं
रास्ते नुकीले हैं
बपर्फ
बर्फ़-
सी पिघलती
और सिर्फ चलती
ओठों पर अड़ियल मुस्कान है।
Lalit Kumar
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