भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
Changes
Kavita Kosh से
रस-छन्द-अलंकार-व्याकरण है इनमें
'''छले जाते; किन्तु दोनों व्यापारहीन हैं।'''
'''( विश्व जल दिवस ,22 मार्च, 2012021)'''
</poem>