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स्त्री व पानी / कविता भट्ट

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रस-छन्द-अलंकार-व्याकरण है इनमें
'''छले जाते; किन्तु दोनों व्यापारहीन हैं।'''
'''( विश्व जल दिवस ,22 मार्च, 2012021)'''
</poem>