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'{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=अदनान कफ़ील दरवेश |अनुवादक= |संग्...' के साथ नया पृष्ठ बनाया
{{KKGlobal}}
{{KKRachna
|रचनाकार=अदनान कफ़ील दरवेश
|अनुवादक=
|संग्रह=नीली बयाज़ / अदनान कफ़ील दरवेश
}}
{{KKCatKavita}}
<poem>
अगर लफ़्ज़ों की सेहत कम कर दी जाए
तो बहुत बड़ी-बड़ी सतरें भी
उस छोटी-सी जादुई नीली बयाज़ में समा जाती थीं
जो ताक़ पर हिफ़ाज़त से रखी जाती थी
जिसके पिछले पन्नों पर मैं चित्र बनाता
जिसकी ज़रूरत गाहे-बगाहे पड़ ही जाती थी
उसमें हस्बे-हाल शेर
फ़ोन नम्बर
पुराने पते
बच्चों के जन्मदिन
हिसाब-किताब
बचत-क़र्ज़
महीने का पतला बजट
एक दीवाल खड़ी करने की लागत
कितना कुछ होता था उस छोटी-सी नीली बयाज़ में
पहले वो बयाज़ गुम हुई
फिर वो लिपि
फिर वो लोग
फिर वो घर
और फिर हमारा ये जीवन ।
'''शब्दार्थ'''
बयाज़ — शायरी वगैरह दर्ज़ करने के लिए डायरी या कॉपी।
</poem>
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|रचनाकार=अदनान कफ़ील दरवेश
|अनुवादक=
|संग्रह=नीली बयाज़ / अदनान कफ़ील दरवेश
}}
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<poem>
अगर लफ़्ज़ों की सेहत कम कर दी जाए
तो बहुत बड़ी-बड़ी सतरें भी
उस छोटी-सी जादुई नीली बयाज़ में समा जाती थीं
जो ताक़ पर हिफ़ाज़त से रखी जाती थी
जिसके पिछले पन्नों पर मैं चित्र बनाता
जिसकी ज़रूरत गाहे-बगाहे पड़ ही जाती थी
उसमें हस्बे-हाल शेर
फ़ोन नम्बर
पुराने पते
बच्चों के जन्मदिन
हिसाब-किताब
बचत-क़र्ज़
महीने का पतला बजट
एक दीवाल खड़ी करने की लागत
कितना कुछ होता था उस छोटी-सी नीली बयाज़ में
पहले वो बयाज़ गुम हुई
फिर वो लिपि
फिर वो लोग
फिर वो घर
और फिर हमारा ये जीवन ।
'''शब्दार्थ'''
बयाज़ — शायरी वगैरह दर्ज़ करने के लिए डायरी या कॉपी।
</poem>