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प्लांचेट की टेबुल / बैरागी काइँला / सुमन पोखरेल
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हथेली भर के लकीरों में
खड़ा कर के
बहुतियात
घेराव
से
ही
युद्धविराम की लकीरें
अब, क्योंकि युद्ध भी विश्राम करना चाहते हैं, मुझ से
Sirjanbindu
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