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जाए जाकर, बेवफ़ाई, कोई उनसे सीख आय जिसको कहते हैं बुराई, कोई उनसे सीख आय
किस तरह उल्फ़त लुटाते हैं अता करते हैं प्यार
जाके तर्ज़े दिलरुबाई, कोई उनसे सीख आय
वस्ल की शब के सभी आदाब से वाक़िफ़ हैं वो
हैं ज़माने के बड़े मशहूर वो नग़मासरा
मुस्तनद नग़मा सराई, कोई उनसे सीख आय
शैख़ हों हो या हों बिरहमन हो वो पंडित दोनो ही हैं पारसाये अदा-ए-पारसाई, कोई उनसे सीख आय
दो महाजन हैं मोहल्ले में हमारे, किस तरह
जोड़ते हैं पाई पाई, कोई उनसे सीख आय
वो हसीं हैं और सितम शेवा है उनका ऐ 'रक़ीब'
चीज़ क्या है कजअदाईकज अदाई, कोई उनसे सीख आय
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