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|संग्रह=
}}
{{KKCatKavita}}<Poem>बजाते हैं नौकरी उठाते हैं जाम
मेरी नौजवानी को बारहा सलाम
वहीं बैठ कर गीत लिक्खा करेंगे
कि रौशन है दुनिया, मेहनतकश अवाम!</poem>