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हाइकु / कमलेश भट्ट 'कमल'
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13:53, 9 जून 2010
रात होते ही गोलबन्द हो गये
चान्द
चाँद
सितारे
घिर गया है वैशैली लताओं से जीवन वृक्ष
डा० जगदीश व्योम
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