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दयारे-इश्क़ में अपना मुक़ाम पैदा कर / इक़बाल
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(
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अपने पुत्र के लिए लंदन से भेजा गया उनका पहला ख़त
)'''''मोटा पाठ
'''
दयारे-इश्क़ में अपना मुक़ाम पैदा कर
द्विजेन्द्र द्विज
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