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वे कभी राजा नहीं होते / कर्मानंद आर्य

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जो सत्य, अहिंसा, अस्तेय
अपरिग्रह की बात करते हैं
जो माया की बात करते हैं
जो ईश्वर विश्वासी होते हैं
जिन्हें आता नहीं छल छद्म
जो कर देते हैं अकारण क्षमा
वे कभी नायक नहीं होते
वही लोग पैदा करते हैं
दुनिया में नरक

नरक भक्तों की देन है!
जानता है भगवान