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शिव जी हीरो बनोॅ हो-26 / अच्युतानन्द चौधरी 'लाल'

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राग देसी-ताल दादरा

चल्लो जइभॅ सियाम हम्में नै बचभौं हे
तजि देबै परान हम्में नै बचभौं हे।।
मथुरा नगरयिा में कुब्जा के डेरा
से लेथौं फंसाय हम्में नै बचभौं हे।।
कुबजा सौतिनियां के लट घुंघराला
से लेथौं बझाय हम्मंे नै बचभौं हे।
कुबजा सौतिनियां के रसभरी बोलिया
सुनी जइभॅ लोभाय हम्में नै बचभौं हे।।
नै बचभौं नै बचभौं नै बचभौं हे
तजि देभौं परान हम्में नै बचभौं हे।।

झूमर-दादरा

बहुत दुख तो हमरा देल्हॅ हे राजा
सौतिनियां के संग बिलम्हैल्हॅ हे राजा।।
नदिया के दोनों किनाराँ बगीचा
केकरोॅ बगिया तोहें जइभो हे राजा।।
करमी के लतवा गेन्हारी के सगवा
कथी के सगवा तोहें खइभे हे राजा।।
सौसरारीं रहभॅ कि घरोॅ मंे रहभॅ
तों कौन ठियाँ रहभॅ बताबोॅ हे राजा।।