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शिव जी हीरो बनोॅ हो-58 / अच्युतानन्द चौधरी 'लाल'

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कोभरोॅ

सिया के सोहाग के रात जी कोहबर रंग सें भरलोॅ
रंग सें जी भरलोॅ अत्तर सें जी भरलोॅ
मनि मानिक सें जड़लोॅ पलंग पर
सिया संग रामजी हुलसलोॅ जी कोहबर रंग सें भरलोॅ
सिया संग रामजी हुलसलोॅ जी कोहबर रंग सें भरलोॅ
सिया जी के तन सोहे लाली चुनरिया
राम जी पीताम्बर सें सजलोॅ जी कोहबर रंग सें भरलोॅ
राम सिया छवि निरखि मनोहर
कोटिक मदन लजैलोॅ जी कोहबर रंग सें भरलोॅ
ॅलालॅ राम के नाम जपन करी
कैतना अधम जग तरलोॅ जी कोहबर रंग सें भरलोॅ।।

कोभरोॅ

बलमु तोरोॅ सेजिया पर हम्में नै जइभौं
हम्में नैं जइभौं जी हम्में नै जइभौं
खिड़की सें हुलकैछै छोटकी ननदिया
तों बेरजोरी करोॅ नै जो हम्में नै जइभौं
सास ससुर जी छै ऐंगना में ठाढ़ोॅ
शरम हमरा लागैछै एखनी नै जइभौं
बारह बरस के जी छोटी रे उमिरिया
करैछै छाती धड़ धड़ हम्में नै जइभौं।