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शिव जी हीरो बनोॅ हो-61 / अच्युतानन्द चौधरी 'लाल'

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गारी

समधी लगावाबोॅ जी तमोली सें सांझ बिहान
लौंग इलायची कापुर देलोॅ बढ़िया बढ़िया पान
समधिन हे फड़बाबोॅ तांेहें दरजी सें सांझ बिहान
समधिन फड़बाबोॅ तोंहें कपड़ा थान के थान
समधिन हे लगबाबोॅ तांेहें माली सें सांझ बिहान
समधिन लगबाबोॅ तांेहें बाग बगीचा बगान
समधी जी घसबाबोॅ तोहें नौकर सें सांझ बिहान
समधी घसबाबोॅ तोंहें बरतन सांझ बिहान
समधिन हे करबाबोॅ तांेहें नौकर सें सांझ बिहान
समधिन करबाबोॅ तोंहें गैया के साफ बयान
समधिन हे घरबाबोॅ तोंहें समधी सें सांझ बिहान
समधिन धरबाबोॅ तोंहें समधी जी से दोकान