महलों से मुर्दघाट तक फैले हुए हैं आप
मखमल से लेके टाट तक फैले हुए हैं आप
बिजनेस बड़ा है आपका तारीफ़ क्या करें
मन्दिर से लेके हाट तक फैले हुए हैं आप
सोना बिछाना ओढ़ना सब ख़्वाब हो गए
डनलप पिलो से खाट तक फैले हुए हैं आप
ईमान तुल रहा है यहाँ कौडि़यों के मोल
भाषण से लेके बाट तक फैले हुए हैं आप
दरबारियों की भीड़ में जम्हूरियत का रक़्स
आमद से लेके थाट तक फैले हुए हैं आप
जनता का शोर ख़ूब है जनता कहीं नहीं
संसद से राजघाट तक फैले हुए हैं आप