भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

सदाभवानी दाहिनी / बघेली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बघेली लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

सदा भवानी दाहिनी ए साजन हों
अरे सन्मुख गोरि गनेश
पांच देव मिलि रक्षा करैं
कि ब्रम्हा विष्णु महेश
गंगा जी भुलानी अरे हां गंगा जी भुलानी
अरे जटन मां गंगा जी भुलानी
अरे धनि महिमा शिव तोरि
जटन मां गंगा जी भुलानी