भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

सबद-दोय / राजेश कुमार व्यास

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

नाप लेवै सबद
अरबां-खरबां
कोसां रो आंतरो
बूर देवै
मन मांय
खुद्योड़ी
अलेखूं खायां।
 
घणकरी बार
सुळझाय देवै
अंतस मांय
उळझ्योड़ा
हजारूं-हजार
गुच्छा।
 
सबद पुळ है
अबखै बगत रा
जीवण-जातरा रा।