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सीताराम महर्षि / परिचय
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23 जुलाई 1932 ई0 को चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के खारी छाबड़ी गांव में जन्मे श्री सीताराम महर्षि 14 वर्ष की आयु से ही आपने कविताएं लिखना आरम्भ कर दिया। आपने हिन्दी एवं राजस्थानी दोनों ही भाषाओं में प्रचुर साहित्य लिखा है किन्तु आपकी पहचान प्रमुख रूप से राजस्थानी साहित्यकार के रूप में ही हुई है। आपके उपन्यास ‘‘लालड़ी एक फेरूं गमगी’’ तथा ‘‘कुण समझै चंवरी रा कौल’’ की अनेक शोधग्रन्थों में विस्तृत चर्चा हुई है।