भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

सुवारिया री बेटी भेरूजी थारी सेवा अई रे / मालवी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

सुवारिया री बेटी भेरूजी थारी सेवा अई रे
थारी सेवा अई, ने बाजुट लाई रे
काका मतवाला थें म्हारी नींद गमाई रे
नींद गमाई, सारी रैन जगाई रे
चावुकड़े चमकाई रे
कंठालियारी बेटी भेरूजी थारी सेवा आई रे
थारी सेवा आई, नारेक लाई रे
तेली री बेटी भेरूजी, थारी सेवा आई रे
थारी सेवा आई, तेल-सिन्दूर लाई रे
माली की बेटी भेरूजी, थारी सेवा आई रे
थारी सेवा आई, फुलड़ा लाई रे
तमोली की बेटी भेरूजी, थारी सेवा आई रे
थारी सेवा जाई, बिड़ला लाई रे
हलवाई की बेटी भेरूजी, थारी सेवा आई रे
थारी सेवा आई, सिरनी लाई रे
सेपकरी बेटी भेरूजी थारी सेवा आई रे
थारी सेवा आई, गुड़-गोकर लाई रे
काक मतवाला थें म्हारी नींद गमाई रे
नींद गमाई, सारी रैन जगाई
चावुकड़े चमकाई रे।