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सोने का सरोता, बताओ धनराणी / मालवी

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

सोने का सरोता, बताओ धनराणी
सोने का सरोता, रूपा की डांडी
कतर-कतर बिड़ला, चाबो धनराणी
पेलो मास जो लागियो, आल भोले मन जाए।