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स्हैर / हुसैनी वोहरा

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मकड़ी रा जाळा ज्यूं
उळझ्योड़ी गळियां
जादूगर रा तास-पत्तां ज्यूं
खड़ी मीनारां
आंख्यां देख चूंधीजै
स्हैर मांय
मिनख कीड़ा ज्यूं रेंगै है
 
एक-दूजै सूं डरै है
छिपै है सांप ज्यूं बिल मांय
अंधारै मांय निकळै
बड़ै अंधारै मांय
मिनख
मिनख सूं डरै है
बातां सूं कतरावै है
ओ स्हैर
भूत लागै है।