हमरोॅ राज बिहार छै भारत के सिरताज।
सबसें प्यारोॅ देश में, विश्व करै छै नाज।।
विश्व करै छै नाज जहाँ बहै पावन गंगा।
कोशी, गंडक, सोन करै धरती केॅ चंगा।।
कहै छै ‘राम’ रेणु, सुधांशु सपूत जेकरोॅ।
दिनकर, ‘सरल’, महेश, ‘सुरो’ छेकै कवि हमरोॅ।।
हमरोॅ राज बिहार छै भारत के सिरताज।
सबसें प्यारोॅ देश में, विश्व करै छै नाज।।
विश्व करै छै नाज जहाँ बहै पावन गंगा।
कोशी, गंडक, सोन करै धरती केॅ चंगा।।
कहै छै ‘राम’ रेणु, सुधांशु सपूत जेकरोॅ।
दिनकर, ‘सरल’, महेश, ‘सुरो’ छेकै कवि हमरोॅ।।