भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हम तs मछरिया जल के / सरोज सिंह

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

लोराईल अंखिया... केहू न देखे
हम त मछरिया जल के
जिया छपुटाला पंवरत जाला
हम त मछरिया जल के
भईया जनमले थरिया बाजल
हम जनमली बिपत जागल
हम त मछरिया जल के...
भईया गईले सहरिया पढ़े
हम सिख्ली गिरहस्ती गढ़े
हम त मछरिया जल के!