भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हर्ष से झूमी अयोध्या / रेनू द्विवेदी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हर्ष से झूमी अयोध्या,
ज्योंति से वसुधा नहायी।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।

प्रेममय वातावरण है,
हर तरफ उल्लास छया।
नृत्य करतीं चहुँ दिशाएँ,
राम का फिर राज्य आया।

दम्भ का कर अंत प्रभु ने,
सत्य की झांकी सजायी।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।

धर्म की निश्चित विजय की,
राम की लीला निराली।
भू-गगन पुलकित हुए है,
हँस रही अब रात काली।

दीप मन में जल उठे हैं,
मिल रही सबको बधाई।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।