भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हिंगलू भरी बादल लाव / मालवी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

हिंगलू भरी बादल लाव
म्हारा मान-गुमानि ढोला
वा तो फलाणा राम आंगण ढोलो रे
म्हारा माल-गुमानी ढोला
वे तो फलाणा राम हैं पोंच वाला रे
वी तो आवता सा जानीड़ा जिमाड़े रे